Monday, December 21, 2015

मानवता के विकास की चरम सीमा

क्लाइमेक्स ऑफ़ एवोलुशन


सहज योग मानवता के विकास की चरम सीमा का ज्ञान है | मानव शरीर को परमात्मा के प्रेम की शक्ति कुण्डलिनी ने माँ के गर्भ में बनाया है | कुण्डलिनी परमेश्वर की शुद्ध इच्छा शक्ति है |

विनम्रता ( HUMILITY


विनम्रता महानता की पहिचान है। जो शक्तिशाली होता है वही विनम्र होता है। वह निर्भय होता है क्योंकि वह शक्तिशाली है।